आशा बनाए रखें: ओवेरियन कैंसर रोगियों के लिए प्रजनन विकल्प
ओवेर
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कैंसर का इलाज महिला के लिए समस्या से भरा होता है, क्योंकि कीमोथेरेपी और सर्जरी जैसे प्रक्रिया प्रजनन क्षमता पर प्रभाव डालते हैं। जिससे भविष्य में गर्भधारण क्षमता भी प्रभावित होती है। बात करें ओवेरियन कैंसर ग्रसीत लोगों के लिए प्रजनन विकल्प के तो कई रास्ते हैं जिससे ओवेरियन कैंसर के बावजूद महिला मां बन सकती है लेकिन उन तरीकों में कहीं भी स्वाभाविक रूप से गर्भधारण करने का विकल्प उपलब्ध नहीं हैं। एक बार ओवेरियन कैंसर ग्रसीत होने के बाद जैसे-जैसे समय निकलता जाता है, आप प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने से दूर होने लग जाते हैं। जैसे ही आप कैंसर का इलाज करवाते हैं आप पूरी तरह से इसे खो देते हैं क्योंकि कैंसर का इलाज आपको ठीक तो कर देता है लेकिन प्रजनन क्षमता पूरी तरह से प्रभावित हो जाती है।
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क्या ओवेरियन कैंसर
ओवेरि या अंडाशय, महिलाओं के प्रजनन प्रणाली का भाग होता है और इसका काम अंडे का उत्पादन करना है। इसी हिस्से में विकसीत होने वाले कैंसर को ओवेरियन कैंसर कहते हैं। ओवेरियन कैंसर से महिला के प्रजनन क्षमता पर ही सिर्फ असर नहीं डालता है, यह महिला का बांझपन के तरफ भी धेकलता है। इस कैंसर के साइड इफेक्ट महिला का शारीरीक और मानसिक तौर पर कमजोर करता है। इसके इलाज का मुख्य आधारशिला कीमोथेरेपी, प्रजनन स्वास्थय को भी नुकसान पहुंचाता है।
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कीमोथेरेपी इलाज कैंसर उपचार के लिए बेहद ही कारगर है लेकिन इसका ज्यादा इस्तेमाल कैंसर कोशिकाओं के साथ-साथ अंडाशय के अच्छी कोशिकाओं को भी नुकसान पहुंचाता है।
ओवेरियन कैंसर रोगियों के लिए प्रजनन विकल्प के बारे में, और साथ में जानते हैं इसके इलाज के लिए दिल्ली में शीर्ष आईवीएफ सेंटर (Top IVF center in Delhi) के बारे में।
फर्टिलिटी विशेषज्ञों की माने तो इन बाधाओं के बावजूद आशा की एक किरण अभी भी मौजुद है, ओवेरियन कैंसर से ग्रसीत होने के बाद भी एक महिला मां बन सकती है। विशेषज्ञ बताते हैं कि ऐसे स्थिति में एग फ्रीजिंग और सहायक प्रजनन तकनीकों(एआरटी), जैसे इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) उपचारों के माध्यम से प्रजनन क्षमता का संरक्षण किया जा सकता है और महिला गर्भधारण कर सकती है।
अगर आप ओवेरियन कैंसर से ग्रसीत हैं और आपने अभी तक इलाज नहीं करवाया है। ऐसे में प्रजनन विकल्प के तौर पर आप एग फ्रीजिंग या आईवीएफ का इस्तेमाल कर सकते हैं। एग फ्रीजिंग प्रक्रिया से आप कैंसर उपचार के बाद भी गर्भधारण कर सकती हैं। एग फ्रीजिंग जिसे ओओसाइट क्रायोप्रिजर्वेशन (oocyte cryopreservation) भी कहा जाता है, इस प्रक्रिया में अंडो को अंडाशय से बाहर निकालकर जमाया जाता है और फिर शुन्य से नीचे तापमान पर संग्रहित किया जाता है। उसके बाद समय आने पर इसे पिघलाया जाता है और निषेचित किया जाता है। इस तरह से आप ओवेरियन कैंसर के बावजूद आप ज
इसके अलावा आप आईवीएफ का इस्तेमाल करके भी माता-पिता बन सकते हैं, इस इलाज के दौरान शरीर के बाहर शुक्राणु के साथ अंडों को निषेचित करना और परिणामी भ्रूण को गर्भाशय में प्रत्यारोपित करना शामिल है, जिससे कैंसर थेरेपी से जुड़ी प्रजनन समस्याओं से बचा जा सके। ओवेरियन कैंसर के बावजूद आप इन प्रजनन विकल्पों की मदद से माता-पिता बन सकते हैं। आप अगर बच्चों के बारे में सोच रहे हैं तो दिल्ली में आईवीएफ
निष्कर्ष
ओवेरियन कैंसर से ग्रसीत होने के बाद ये सोचने की आप माता-पिता नहीं बन सकते हैं, पूरानी बात हो गई है। आज ऐसे भयानक रोग से ग्रसीत होने के बाद भी आप मां-बाप बन सकते हैं। ओवेरियन कैंसर से ग्रसीत होने के बाद एक महिला मानसिक तौर पर परेशान तो होती हैं, लेकिन उन्हें इस बात की फिक्र करने की जरुरत नहीं है कि वो मां बन पायेंगी या नहीं। ओवेरियन कैंसर के इलाज के दौरान प्रजनन क्षमता पर असर तो पड़ता है लेकिन इससे मां-बाप बनने के सपने पर कोई असर नहीं पडता है। अगर आपको कैंसर के बारे में शुरुआती दौर में पता चल जाता है तो आपके पास अलग विकल्प है, और अगर कैंसर का पता चलने में समय लगा है तो उसके लिए अलग विकल्प है। आप दिल्ली के आईवीएफ केंद्र (Best IVF center in Delhi) में इलाज करा सकते हैं।