Can I still have children after ovarian cancer?

क्या ओवेरियन कैंसर के बाद भी महिलाएं मां बन सकती हैं?

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आमतौर पर कैंसर एक ऐसी बीमारी है जिसके बाद इंसान अपनी सारी उम्मीदें छोड़ देता है, लेकिन ओवेरियन कैंसर सिर्फ एक महिला के उम्मीदें ही नहीं उसके मां बनने के भरोसे को भी खत्म कर देता है। ओवेरियन कैंसर का प्रजनन क्षमता पर प्रभाव को समझना महत्वपूर्ण है और साथ में क्या ओवेरियन कैंसर के बाद भी महिलाएं मां बन सकती हैं? ओवेरियन कैंसर एक ऐसी बीमारी है जो महिला के छोटे प्रजनन अंग यानी अंडाशय (जो अंडे के उत्पादन के लिए जिम्मेदार होता है) में विकसित होता है, और बिना किसी लक्षण के पूरे पेट में फैल जाता है। यही कारण है कि शुरुआती चरणों में इसके बढ़ने का पता लगा पाना लगभग असंभव हो जाता है। आइये जानते हैं दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (best IVF center in Delhi) के बारे में।  

आपको बता दें कि ऐसी कई वजह हैं जो ओवेरियन कैंसर को ट्रिगर कर सकती हैं, जैसे ओवेरियन कैंसर का पारिवारिक इतिहास, एंडोमेट्रियोसिस, जिसकी पहले कभी कल्पना नहीं की गई हो।

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मशहुर अदाकारा मनीषा कोइराला एक इंटरव्यु में बताती हैं कि 2012 में ओवेरियन कैंसर स्टेज IV के बारे में पता लगने के बाद 2012-13 के दौरान न्यूयॉर्क में इलाज करवाया, और 2014 में पूरी तरह से स्वस्थ होकर वापस आई। ओवेरियन कैंसर का पता लगना चौंका देने वाला था, और मुझे लगा कि मैं अब मां नहीं बन पाउंगी। जैसे-जैसे आप बड़े होते हैं, आप अपनी वास्तविकता को स्वीकार करते हैं। ऐसे बहुत से सपने हैं, जिनके बारे में आपको एहसास होता है कि वे पूरे नहीं होंगे, मां न बन पाना उनमें से एक है और आप उन सपनों से समझौता कर लेते हैं।

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ओवेरियन कैंसर कैसे प्रजनन को प्रभावित करता है?

विशेषज्ञों की माने तो ओवेरियन कैंसर के इलाज के लिए कीमोथेरेपी और सर्जरी जैसे उपचार का उपयोग होता है, और इसका सीधा असर महिला की प्रजनन क्षमता पर पड़ता है। कैंसर के इलाज में कीमोथेरेपी इलाज को अहम माना जाता है। कीमोथेरेपी कैंसर की कोशिकाओं को मारने के लिए प्रभावी है, लेकिन इस विकल्प का इस्तेमाल करने से अंडाशय के स्वस्थ कोशिकाओं पर भी प्रभाव पड़ता है, जिससे प्रजनन क्षमता को नुकसान पहुंचता है।

इसके अलावा अंडाशय या ट्यूमर को निकालने के लिए की गई सर्जरी भी प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकती है और इस वजह से महिला के लिए गर्भधारण करना या फिर मातृत्व को अपनाना नामुमकिन हो जाता है। और इस तरह से ओवेरियन कैंसर और इसका इलाज प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है।

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अब सवाल है कि क्या ओवेरियन कैंसर के बाद भी महिलाएं मां बन सकती हैं? और जानेंगे इसके इलाज के लिए दिल्ली के शीर्ष आईवीएफ सेंटर (Top IVF center in Delhi) के बारे में।  

हां, अगर आप ओवेरियन कैंसर से ग्रसीत हैं और आप मां बनना चाहती हैं तो इस बात से परेशान होने की बिल्कुल जरूरत नहीं है। ऐसी परिस्थिति में एग फ्रीजिंग या आईवीएफ जैसी सहायक प्रजनन तकनीकों (एआरटी) की सहायता से गर्भधारण करने की सफल संभावना होती है।

इसके अलावा अगर आप ओवेरियन कैंसर से ग्रसीत थी और अब आपने इलाज करा लिया और पूरी तरह से उभर चुकी हैं तो आपके लिए मां बन पाना मुमकिन है। ऐसी परिस्थिति में ऐग डोनेशन या तीसरे पक्ष से प्रजनन एकमात्र विकल्प रह जाता है क्योंकि आप पहले से ही सर्जरी या कीमोथेरेपी से गुजर चुके होते हैं। कैंसर के कारण, अंडे और हार्मोन के उत्पादन में व्यवधान हो सकता है, जिसकी वजह से स्वाभाविक रूप से गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है।

एआरटी एक उम्मीद

प्रजनन विशेषज्ञ के अनुसार अगर कोई इस तरह की स्थिति से गुजर रहा है, जैसे में ओवेरियन कैंसर, बांझपन या फिर गर्भपात तो एआरटी उनके लिए एक बेहतर विकल्प है। असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) का उपयोग करके निसंतानता को दूर किया जा सकता है, इन विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) इलाज ही सहायक टेक्नोलॉजी है, जिसके मदद से हर स्थिति में गर्भधारण करने और संतान प्राप्ती मुमकिन है। हालांकि, आईवीएफ इलाज के लिए जाने से पहले किसी अनुभवी डॉक्टर या विशेषज्ञ से परामर्श कर लें। ताकी आपको हर पहलु की जानकारी हो जाए जैसे दिल्ली में आईवीएफ लागत (IVF Cost in Delhi) और ये भी पता चल जाए कि आपके लिए क्या उचित है। 

आमतौर पर आईवीएफ का कोई गलत प्रभाव नहीं रहा है, एआरटी इलाज ने लोगों की उम्मीद को जगाए रखा है और संतान प्राप्ती का सुख दिया है। आप भी आज ही दिल्ली के आईवीएफ सेंटर ( IVF center of Delhi) में जाकर संतान प्राप्ती का आनंद उठायें।   

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निष्कर्ष

इस बात में कोई शक नहीं है कि अगर आप ओवेरियन कैंसर से जुझ रहें है और आपके प्रजनन क्षमता पर प्रभाव नहीं पड़ेगा, लेकिन अगर आप कैंसर को शुरूआती दौर में ही पता लगा लेते हैं तो शायद आप स्वाभाविक रूप से गर्भधारण कर सकते हैं। ओवेरियन कैंसर के इलाज के बाद भी आप मां बन सकती हैं, बस आपको आईवीएफ का सहारा लेना पड़ेगा। आपके गर्भधारण की स्थिति इस बात पर भी निर्भर करती है कि आपका इलाज कीमोथेरेपी से हो रहा है या फिर सर्जरी के द्वारा किया जा रहा है। दोनों ही स्थिति में दिक्कतें अलग होती हैं और चुनौती अलग होती है और इसका इलाज भी अलग होता है।   

हां, लेकिन एक बात जो सच है कि आप ओवेरियन कैंसर के बाद भी मां बन सकती है। और आप शीर्ष आईवीएफ सेंटर (Top center in Delhi) में जाकर इलाज करवा सकते हैं।  

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