विटामिन की किस कमी से बांझपन होता है?

कैसे विटामिन की कमी पुरुषों और महिलाओं में प्रजनन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है?

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जब एक महिला प्रजनन संबंधी दिक्कतों का सामना करती है, तो कई मर्तबा इसकी वजह विटामिन की कमी होती है। हर महिला का सपना होता है कि वो मां बन सके लेकिन बदलते लाइफस्टाइल और जीवन में फास्ट फुड के आ जाने से हम अपने स्वास्थ्य को अनदेखा करने लगे हैं। बिना सोचे-समझे इस तरह के खाद्य पदार्थ का सेवन करने से हमारे स्वास्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव होता है। इसका सीधा असर हमारे शरीर और शारीरीक ताकत पर होता है। और ये समस्या सिर्फ महिलाओं में ही नहीं पुरुषों में भी पाया जाता है। विटामिन के कमी से पुरुषों शुक्राणु गुणवत्ता में कमी आ जाती है, जिसके वजह से बांझपन और निसंतानता जैसी समस्या दांपत्य जीवन का हिस्सा बन जाता है। 

हां ये सच है कि विटामिन की कमी के वजह से आपको प्रजनन से जुड़ी समस्या का सामना करना पड़ सकता है। हाल के समय में भारत में पहले के मुकाबले कहीं ज्यादा प्रजनन संबंधी समस्याएं बढ़ने लगी है और एक महिला के लिए गर्भ धारण करना और बच्चे पैदा करना किसी कल्पना से कम नहीं है। ये तो जान गए की विटामिन की कमी से प्रजनन संबंधी समस्या होती है लेकिन कैसे विटामिन की कमी पुरुषों और महिलाओं में प्रजनन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है? आइए जानते हैं। इसके साथ ही दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Delhi) के बारे में भी जानेंगे।

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कैसे विटामिन प्रजनन संबंधी समस्याओं का कारण बन सकती है? और दिल्ली के शीर्ष आईवीएफ सेंटर (Top IVF center in Delhi) जहां पर इलाज करवा सकते हैं। 

जैसा की हमने आपको पहले ही बताया है कि ऐसे कई कारक है जिसकी वजह से प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है। ऐसे कारकों से सतर्क रहने की जरुरत है और विटामिन की कमी उन कारकों में से एक है। एक शोध से पता चला है कि विटामिन डी के प्रर्याप्त मात्रा में न होने के वजह से शुक्राणु उत्पादन में समस्या आने लगती है। इसके अलावा पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) भी महिला प्रजनन जटिलताओं का कारण है। प्रजनन आयु की बढ़ते समय के साथ 4%-20% महिलाओं को पीसीओएस प्रभावित करता है और ऐसा कहा जाता है कि विटामिन डी की कमी के कारण से ये समस्या बढ़ती जाती है। अगर आप आईवीएफ इलाज के बारे में सोच रहें हैं तो  दिल्ली में आईवीएफ सेंटर (IVF center in Delhi) में इलाज करवा सकते हैं।  

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यहां विटामिन के प्रकार के फेहरिस्त हैं जो प्रजनन को प्रभावित करता हैं। और जानेंगे कैसे करता है?

  • विटामिन डी – विटामिन डी की कमी शरीर को पूर्ण रुप से नुकसान पहुंचाती है। इसकी कमी को सीधे तौर पर बांझपन और प्रजनन समस्याओं से जोड़ा गया है। शोध के अनुसार पुरुष और महिला में प्रजनन हार्मोन के लिए विटामिन डी का प्रर्याप्त मात्रा में होना जरूरी है। विटामिन डी की कमी से पुरुषों के शुक्राणु गतिशीलता कम हो जाती है और टेस्टोस्टेरोन भी अपने निम्न स्तर पर आ जाता है। सूर्य की रोशनी भी विटामिन डी का स्त्रोत है और आप रोजाना गर्मी के मौसम में सुबह के समय सिर्फ 10 मिनट सूर्य के सामने बैठते हैं तो आपके लिए काफी होगा।  
  • विटामिन बी12 – विटामिन बी12 सीधे तौर पर प्रजनन स्वास्थय से जोड़ा गया है। ये विटामिन डीएनए संश्लेषण और सेलुलर मेटाबोलिज्म में अहम भूमिका निभाता है, जो की प्रजनन स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है। विटामिन बी12 की कमी से महिलाओं में ओव्यूलेटरी डिसफंक्शन और अनियमित मासिक चक्र की समस्या शुरू हो जाती है। इसकी कमी पुरुषों में शुक्राणु की संख्या और गुणवत्ता पर असर करती है, जिसके वजह से पुरुणों में भी बांझपन की शिकायत होने लगती है।
  • विटामिन सी – विटामिन सी एक एंटीऑक्सीडेंट तत्व है, जो शुक्राणु स्वास्थ्य के लिए बेहतर होता है। विटामिन सी की कमी से शरीर में ऑक्सीडेटिव तनाव बढ़ता है जिसके वजह से शुक्राणु को क्षति पहुंचने का डर रहता है। इसके अलावा ये शुक्राणु की गुणवत्ता पर भी असर डालता है, और इसकी कमी से शुक्राणु गतिशीलता पर प्रभाव पड़ता है।
  • फोलिक एसिड (विटामिन बी9) – फोलिक एसिड भ्रूण के विकास के लिए जरूरी है और प्रजनन क्षमता में भी इसकी अहम भूमिका होती है। फोलिक एसिड की कमी महिलाओं में सीधे तौर पर ओवुलेटरी इनफर्टिलिटी से जुड़ी हुई होती है और इसकी कमी से गर्भपात का खतरा बढ़ जाता है।  

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अगर आप ऐसी समस्याओं से जुझ रहे है और आईवीएफ इलाज चाहते हैं तो शीर्ष आईवीएफ सेंटर (Top IVF center) में इलाज करवा सकते हैं। 

निष्कर्ष

प्रजनन संबंधी समस्या और भी कई वजह से हो सकते हैं लेकिन अगर वजह विटामिन की कमी है तो आपको बांझपन, निसंतानता और गर्भपात जैसे दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। विटामिन की कमी पुरुष और महिला दोनों को समानंतर रूप से प्रभावित करती है, शुक्राणु गुणवत्ता, शुक्राणु संख्या इन सभी चीजों के लिए विटामिन खाद्य पदार्थों का सेवन अहम हो जाता है। वर्ना पुरुष साथी की वजह से महिला के लिए गर्भधारण कर पाना मुश्किल होता है। विटामिन प्रजनन हार्मोंन के उत्पादन के लिए भी जिम्मेदार है, और इसकी कमी आपके स्वास्थ्य को क्षतिग्रस्त कर सकती है। ऐसे में मामलो में आप आईवीएफ की सहायता ले सकते हैं और आईवीएफ लागत (IVF Cost in Delhi) भी कुछ ज्यादा नहीं है।

अलग-अलग तरह के विटामिन हमारे शरीर में अलग-अलग तरीके से काम करते हैं और इनकी कमी हमारे शरीर को रोगी बना सकती है। विटामिन की कमी शुक्राणु समस्या से लेकर पीसीओएस जैसी दिक्कतों को दावत देती है और पीसीओएस बीमारी महिलाओं के लिए श्राप की तरह है। इसलिए खुद को स्वस्थ रखने के लिए और प्रजनन संबंधी समस्या से दूर रहने के लिए अपने जीवन में स्वस्थ आहार का सेवन करें जो प्रोटिन और विटामिन से युक्त हो। दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Delhi) में इसका इलाज करवा सकते हैं।   

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