Who needs IVF treatment in Hindi

आईवीएफ इलाज की जरूरत किसको होती है

Post by Baby Joy 0 Comments

समय के साथ हमारी प्राथमिकताओं में भी बदलाव आया है, कल तक जो चीजें लोगों को असंभव लगती थी, आज आविष्कार लगता है। बांझपन और निसंतानता का इलाज उन्हीं आविष्कारों में से एक है, आईवीएफ ने कई निराश जोड़ों को संतान सुख प्रदान करके अपनी अहमीयत का प्रमाण दिया है। आईवीएफ का नाम हर किसी ने सुना है लेकिन बहुत कम ही लोग इस बात को जानते हैं कि आईवीएफ क्या है, आईवीएफ इलाज काम कैसे करता है और आईवीएफ इलाज की ज़रूरत किसको होती है? इसी के साथ हम जानेंगे गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Gurgaon) के बारे में।

क्या है आईवीएफ?

आईवीएफ यानी की इन विट्रो फर्टिलाइजेशन जिसे आमतौर पर टेस्ट ट्यूब बेबी भी कहते हैं। जब कोई दंपत्ति प्राकृतिक प्रक्रिया से गर्भधारण करने में असफल रहते हैं तो महिलाओं को गर्भवती करने के लिए आईवीएफ का सहारा लिया जाता है। सरल शब्दों में कहें तो आईवीएफ इलाज महिला को गर्भधारण करने में मदद करता है, ताकी वो संतान प्राप्त कर सके। इस इलाज के दौरान भ्रुण को लैब में तैयार किया जाता है और फिर महिला के गर्भाशय में स्थानांतरित कर दिया जाता है।

आईवीएफ इलाज काम कैसे करता है या प्रक्रिया क्या है?

आईवीएफ को दूसरे शब्दों में समझे तो ये एक प्रकार से सहायक प्रजनन तकनीक(एआरटी) है। इस प्रक्रिया में महिला के अंडे को और पुरुष के शुक्राणु को मानव शरीर से बाहर लैब में जोड़कर निषेचित किया जाता है। निषेचन के कई दिनों बाद, महिला के गर्भधारण के लिए लैब में तैयार किये गए निषेचित अंडे (जिसे भ्रूण कहते हैं) को गर्भाशय के अंदर रखा जाता है। महिला गर्भवती तब होती है जब भ्रुण गर्भाशय के दीवार में प्रत्यारोपित हो जाता है। इसी प्रक्रिया को आईवीएफ इलाज या फिर सहायक प्रजनन तकनीक(एआरटी) कहते हैं। 

आईवीएफ इलाज की जरूरत किसको होती है? और जानिए गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Gurgaon) के बारे में।

आईवीएफ इलाज का इस्तेमाल हर कोई कर सकता है लेकिन बात करें विशेष परिस्थिति कि तो ये सेवा उनलोगों के लिए है जो बांझपन से ग्रसीत हो, मौजूदा साथी की स्वास्थ्य स्थिति बेहतर न हो, गर्भधारण करने में बार-बार समस्या आ रही हो या फिर मां बनने की उम्र अधिक हो चुकी हो। इसके अलावा आईवीएफ LGBTQ+ जोड़ों के लिए भी वरदान साबित हुआ है, आईवीएफ के मदद से ये कपल्स भी मां-बाप बन सकते हैं और अपना परिवार बना सकते हैं। अगर आप भी आईवीएफ इलाज के बारे में सोच रहे हैं तो दिल्ली में आईवीएफ लागत (IVF Cost in Delhi / NCR) उचित लागत पर इलाज हो जाएगा। 

आईवीएफ संतान प्राप्ति का विकल्प कब बनता है, और जानिए गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Gurgaon) के बारे में।

  1. फैलोपियन ट्यूब बंद या क्षतिग्रस्त होना – अगर फैलोपियन ट्यूब में दिक्कत है तो अंडे अंडाशय से गर्भाशय तक नहीं पहुंचते हैं, जिसके वजह से गर्भधारण करना मुश्किल होता है।
  2. कम शुक्राणु संख्या या अन्य शुक्राणु समस्या – कम शुक्राणु संख्या होने के वजह से इस बात का चांस बढ़ जाता है कि आपकी साथी गर्भधारण कर पायेगी क्योंकि शुक्राणु आपके साथी के अंड़े को निषेचित नहीं कर पाता है। 
  3. पॉलीसिस्टिक ओवरी सिंड्रोम (पीसीओएस) या अन्य ओवरी स्थितियां – पीसीओएस आपके हार्मोन को लगातार क्षति पहुंचाता है, जिससे अनियमित मासिक धर्म, बालों का अधिक बढ़ना, मुंहासा और बांझपन जैसी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है।  
  4. गर्भाशय फाइब्रॉएड – गर्भाशय फाइब्रॉएड एक गैर-कैंसरयुक्त ट्यूमर है जो आपके गर्भाशय और उसके आसपास विकसित होकर गर्भाशय में समस्या का कारण बन सकता है।
  5. गर्भाशय से जुड़ी समस्या – गर्भाशय में होने वाली बिमारीयां भी आपको निसंतानता की ओर धकेलती है। जैसे – गर्भाशय कैंसर, श्रोणी सूजन रोग और एंडोमेट्रियोसिस।
  6. आनुवंशिक रोग या विकार फैलने का जोखिम – कई बार आनुवंशिक रोग भी गर्भधारण करने में समस्या पैदा करता है, जिसके वजह से आपको आईवीएफ का सहारा लेना पड़ता है।
  7. अस्पष्टीकृत बांझपन – इस स्थिति में सब कुछ सामान्य के बावजूद संतान प्राप्ति का सुख नहीं मिलता है।

निष्कर्ष

आईवीएफ विज्ञान के उन चमत्कारों में से एक है जिसने असंभव और संभव के बीच के अंतर को खत्म कर दिया है। आज हर कोई अपना परिवार शुरु कर सकता है चाहे वो LGBTQ+ क्यों न हो, आईवीएफ ने लोगों के लिए उस दरवाजे को खोल दिया है जो सिर्फ सपनों में मुमकिन था। लेकिन एक बात जो हम सभी को जानने की जरुरत है, आईवीएफ इलाज बिल्कुल सुरक्षित है लेकिन प्राकृतिक रुप से गर्भधारण न कर पाना कई सारी परेशानीयों का सबब बन सकता है। क्योंकि ऐसा न हो पाने के पीछे बड़ी वजह होती है, हालांकि बावजूद इसके आईवीएफ आपके लिए मददगार साबित होता है।

समय के साथ आईवीएफ इलाज करवा लेने से सफलता की गुंजाइश ज्यादा होती है। बढ़ते उम्र के साथ गर्भधारण करने की समस्या और बढ़ जाती है। आईवीएफ इलाज के साथ जोखिम भी शामिल होता है, जैसे: जुड़वा बच्चे, समय से पहले डिलीवरी और गर्भपात जैसी दिक्कतें भी हो सकती है। और अगर आप आईवीएफ के लिए तैयार हैं तो गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Gurgaon) आपकी सेवा में तत्पर हैं।

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