क्या IVF उम्र और वजन से प्रभावित हो सकता है

क्या आईवीएफ इलाज उम्र और वजन से प्रभावित हो सकता है?

Post by Baby Joy 0 Comments

इस बात को लेकर बहुत पहले पुष्टी कर दी गई है कि बढ़ते उम्र के साथ महिलाओं में फर्टिलिटी कम हो जाती है। ऐसी स्थिति में आप आईवीएफ इलाज के बारे में सोच रहे हैं तो क्या आईवीएफ  इलाज उम्र और वजन से प्रभावित हो सकता है? इस तरह के सवाल लाजमी है। हालांकि, इस बात को लेकर काफी अध्ययन भी हो चुके हैं कि मोटोपा या ज्यादा वजन गर्भावस्था को प्रभावित करता है। अगर आप भी इनफर्टिलिटी की समस्या से जुझ रहे हैं तो आप दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Delhi) में इसका इलाज करवा सकते हैं।

उम्र और वजन को नजरअंदाज करते हुए, उम्मीद करना की आईवीएफ इलाज प्रभावित न हो। ऐसा संभव है लेकिन कुछ शर्त्तों के बाद, आईवीएफ एक जटील इलाज है और इस इलाज से पहले एक कपल की पूरी तरह से जांच होती है कि वो माता-पिता बन

buy ozempic online in the best USA pharmacy https://lafemmespa.ca/wp-content/uploads/2025/09/html/buy-ozempic.html no prescription with fast delivery drugstore
सकते हैं या नहीं। महिलाओं में बढ़ते उम्र के साथ प्रजनन क्षमता प्रभावित होने लगती है। इस दौरान गुजरते समय के साथ अंडो का उत्पादन और मात्रा कम होने लगती है, जिससे अंडो की गुणवत्ता प्रभावित होती है। बढ़े हुए उम्र और वजन के साथ आईवीएफ की मदद से मातृत्व को पाना चुनौतीपूर्ण हो सकता है।

ये भी पढ़े, भारतीय दम्पत्तियों में बांझपन(इनफर्टिलिटी) की समस्या के पीछे की वजह क्या है

हालांकि, एक सच्चाई यह भी है कि आईवीएफ ने ऐसे मामलों में काफी बार सही रिजल्ट दिया है। और शायद यही वजह है कि लोग संतानप्राप्ती के लिए आईवीएफ इलाज पर भरोसा करते हैं। लेकिन एक सच यह भी है कि आपको आईवीएफ इलाज के लिए उचित वजन रखना होगा, ताकी इलाज में आपको सफलता मिले। एक सामान्य वजन की महिला के मुकाबले ज्यादा वजन वाली महिला को गर्भावस्था के दौरान तीन गुना ज्यादा संघर्ष करना पड़ता है। इसके अलावा ज्यादा वजन वाली महिलाओं में गर्भपात का भी डर रहता है।

ऐसे में ज्यादा वजन के साथ आईवीएफ इलाज का विचार आपके लिए संघर्षपूर्

buy azithromycin online in the best USA pharmacy https://lafemmespa.ca/wp-content/uploads/2025/09/html/buy-azithromycin.html no prescription with fast delivery drugstore
ण होने वाला है। आईए जानते हैं क्या IVF इलाज उम्र और वजन से प्रभावित हो सकता है?

आईवीएफ प्रक्रिया पर वजन का प्रभाव (Effect of weight on IVF process)

आपको इसे दो पहलुओं में समझाते हैं। ऐसा नहीं कह सकते हैं कि ज्यादा वजन होने की वजह से महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या होती है, लेकिन मोटापा इनफर्टिलिटी के प्रमुख कारणो में से एक है। मोटापा खुद एक बीमारी की तरह है, और मोटापा से ग्रसीत लोगों में मधुमेह, उच्च रक्तचाप और जोड़ों का दर्द जैसी बीमारीयों से घिरे होते हैं। ऐसे में गर्भावस्था के बारे में सोचना…खुद के लिए मुश्किलों को खड़ा करने जैसा है। क्योंकि गर्भावस्था के बाद आपका वजन और भी बढ़ जाता है और ऐसे समय पर दर्दनाक लक्षणों का सामना करना, आपके लिए परेशानियों को बढ़ाने वाला है।

मोटापे से ग्रसीत महिलाओं को लेकर किए गए एक रिसर्च से पता चला है कि अधिक वजन के होने से अंडाणु प्रभावित होता है। जिसके बाद उनके अंडाणु आईवीएफ इलाज की सफलता को मुश्किल बना देता है। ज्यादा वजन के साथ आईवीएफ इलाज आपके लिए कई दिक्कतों को बढ़ा सकता है। इसके अलावा एक और अध्ययन में पाया गया है कि सामान्य वजन वाली महिलाओं के मुकाबले मोटापे से ग्रसीत महिलाओं को प्रजनन क्षमता को बेहतर करने के लिए प्रजनन दवाओं का सहारा लेना पड़ता है।  

आपको बता दें कि अगर आप आईवीएफ इलाज की मदद से संतानप्र

buy hypernil online in the best USA pharmacy https://lafemmespa.ca/wp-content/uploads/2025/09/html/buy-hypernil.html no prescription with fast delivery drugstore
ाप्ती चाहती हैं तो आपको उचित वजन रखना होगा। क्योंकि जरूरत से कम और जरूरत से ज्यादा वजन दोनों ही मामलों में बांझपन की समस्या से जुझना पड़ सकता है। आप बीएमआई के मदद से जान सकती हैं कि आपका वजन सामान्य है या ज्यादा, जैसे आपकी लंबाई 155 सेमी है तो आपका वजन 55 किलो होना चाहिए।

ये भी पढ़े, एमएच हार्मोन क्या है? जानिए कैसे यह प्रजनन स्वास्थ्य में अहम भूमिका निभा सकता है 

आईवीएफ पर उम्र का प्रभाव (Effect of age on IVF)

ऐसा तो नहीं कह सकते हैं कि सिर्फ ज्यादा उम्र होने की वजह से मातृत्व को पाना मुश्किल है, लेकिन अधिक उम्र आईवीएफ इलाज में एक्स फैक्टर होता है। बढ़ते उम्र के साथ महिला की प्रजनन क्षमता प्रभावित होने लगती है और करीब 40 की उम्र तक महिलाएं मेनोपॉज में पहुंच जाती है। इस वक्त तक महिलाओं में अंडो की मात्रा कम होने लगती है जो सीधे तौर पर गुणवत्ता को प्रभावित करता है। विशेषज्ञों की माने तो कम उम्र की महिलाओं में अंडों की गुणवत्ता अच्छी होती और उनमें गर्भधारण करने की संभावना भी अधिक होगी।

तथ्यों के अनुसार 40 या उससे अधिक उम्र की महिलाओं में गर्भावस्था की संभावना केवल 5% होती है। इस तथ्य से आपके लिए समझ पाना आसान हो जाएगा कि क्या आईवीएफ इलाज उम्र और वजन से प्रभावित हो सकता है? अगर कोई महिला अपने अंडो से गर्भधारण करना चाहती है तो उसकी औसत उम्र 36 वर्ष होनी चाहिए। यदि आप किसी ऐग डोनर की मदद से गर्भावस्था चाहती हैं तो आपकी उम्र लगभग 41 वर्ष होनी चाहिए।

आमतौर पर, जो महिलाएं 40 से 45 की उम्र के बीच में मातृत्व चाहती हैं तो उनको किसी युवा महिला से ऐग डोनेशन की सलाह दी जाती है, क्योंकि ज्यादा उम्र की महिलाओं के अंडे ठीक से निषेचित नहीं हो पाते हैं। अगर आप भी बढ़े हुए उम्र में संतानप्राप्ती चाहती हैं तो बेबी जॉय आईवीएफ सेंटर आपके लिए बेहतर विकल्प साबित होगा। यहां पर एक मरीज के तौर पर आपके हरेक पहलु पर ध्यान दिया जाएगा और आपकी समस्या को समझकर आपका इलाज किया जाएगा।

आप भी अ

buy zithromax online in the best USA pharmacy https://lafemmespa.ca/wp-content/uploads/2025/09/html/buy-zithromax.html no prescription with fast delivery drugstore
गर इनफर्टिलिटी की समस्या का इलाज करवाना चाहती हैं तो दिल्ली में आईवीएफ लागत (IVF Cost in Delhi) आपके लिए उचित रहने वाला है, और बेबी जॉय आईवीएफ सेंटर में अभी इलाज करवाने पर ऑफर भी उपलब्ध है।

निष्कर्ष(Conclusion)

आईवीएफ इलाज को उम्र और वजन दोनों प्रभावित करता है। मोटापा अंडाशय को प्रभावित करता है, जिसकी वजह से अंडो के लिए आईवीएफ इलाज की सफलता कठीन हो जाती है। इलाज की सफलता के लिए जरूरी हो जाता है कि आप उचित वजन को बनाये रखें। जैसे महिला की उम्र बढ़ती है, फर्टिलिटी प्रभावित होने लगती है, और साथ में अंडे की गुणवत्ता भी प्रभावित होती है। 

अगर किसी महिला को अपनी अंडो से कंसीव करना है तो 36 की उम्र तक कर लें, और अगर उम्र ज्यादा है तो ऐग डोनर की मदद लें। अगर आप इनफर्टिलिटी की समस्या से जुझ रहे हैं तो आपके लिए अहम हो जाता है कि आप दिल्ली के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Delhi) से इलाज करवायें। 

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs) 

प्र.1. क्या मोटापा आईवीएफ की सफलता को प्रभावित करता है?

उत्तर- देखिए आमतौर पर आईवीएफ इलाज के लिए हर कोई आपको उचित वजन बनाए रखने की सलाह देता है। ऐसा नहीं कह सकते हैं कि ज्यादा वजन होने की वजह से महिलाओं में इनफर्टिलिटी की समस्या होती है, लेकिन मोटापा इनफर्टिलिटी के प्रमुख कारणो में से एक है। अधिक वजन होने से अंडाणु प्रभावित होता है।     

प्र.2. आईवीएफ के लिए आपका वजन कितना होना चाहिए?

उत्तर- एनएचएस सहित कई प्रजनन उपचार प्रदाता आईवीएफ उपचार शुरू करने से पहले रोगियों के लिए 19 से 30 की सीमा के भीतर बॉडी मास इंडेक्स(बीएमआई) को आवश्यकता समझते हैं। कुछ प्रदाता 19-25 से अधिक सीमित बीएमआई सीमा को मानते हैं। यदि आप अनिश्चित हैं, तो अपने डॉक्टर या क्लिनिक से सीधा संपर्क करना सबसे बेहतर रहेगा।

प्र.3. एक महिला कितनी बार आईवीएफ करवा सकती है?

उत्तर- जब एक कपल प्राकृतिक रूप से गर्भधारण करने में असफल होते हैं, तो उन्हें आईवीएफ इलाज की सलाह दी जाती है। सामान्य रूप से 3 से 4 बार आईवीएफ इलाज में महिला गर्भधारण कर लेती हैं, लेकिन बार-बार आईवीएफ असफल हो जाने के बाद अंडे या डोनर बदलने की सलाह दी जाती है। 

प्र.4. अंडाणु और शुक्राणु के मिलन के लक्षण क्या हैं?

उत्तर- अंडाणु और शुक्राणु के मिलन की प्रक्रिया के बाद आप गर्भावस्था में आ जाती हैं। जिसके बाद आपको गर्भावस्था से जुड़े लक्षण देखने के लिए मिलेगा। जैसे मासिक धर्म का न आना, सुबह मतली, थकान, बार-बार पेशाब आना, स्तनों में सूजन या कोमलता आदि।

प्र.5. आईवीएफ की अंतिम आयु कितनी है?

उत्तर- एआरटी अधिनियम में आईवीएफ सेवाओं का लाभ उठाने के लिए सामान्य आयु सीमा निर्धारित की गई है: महिलाएं: 21 से 50 वर्ष। पुरुष: 26 से 55 वर्ष।

Baby Joy
Writer has 15 years of experience in Pharmaceuticals and Health care industries, with expertise in Patient counselling and Digital Media Strategy. She is HOD of Patient counselling Dept. at Baby Joy Fertility and IVF Center.
| Website

Leave a Reply