थ्री-पेरेंट आईवीएफ (Three Parent IVF) क्या होता है? समझते है गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर द्वारा।

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प्रजनन के बारे में जानकारी रखने के महत्व को स्वीकार करना और इस प्रकार विभिन्न माध्यमों से प्रजनन क्षमता (fertility ) से संबंधित रणनीति (tactics), मुद्दों (issues) और समाधानों (solutions) के बारे में जागरूकता फैलाना आवश्यक है। आइए गुड़गांव के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) की सहायता से थ्री-पैरेंट आईवीएफ (three parent IVF) शब्द की जांच करें।

आईवीएफ क्या है? (What is IVF?)

जैसा कि गुड़गांव में आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) द्वारा बताया गया है, कि आईवीएफ की प्रक्रिया आधुनिक चिकित्सा तकनीकों का उपयोग करके माता-पिता बनने का एक प्रसिद्ध तरीका है। इस उपचार में, एक प्रजनन विशेषज्ञ (specialists) पुरुष के शुक्राणु (sperm) और महिला के अंडे (eggs) के निषेचन (fertilization) की शुरुआत करता है। इस प्रक्रिया का मुख्य उद्देश्य (main objective) एक स्वस्थ भ्रूण (healthy embryo) प्राप्त करना है जिसे महिला के गर्भाशय (ovaries) में प्रत्यारोपित (implant) किया जा सकता है, एक सफल प्रत्यारोपण (implantation) से सफल गर्भावस्था (pregnancy) की संभावना बढ़ जाती है।

आईवीएफ केंद्र (Centre for IVF) अपनी बेहतर सेवाओं (services) और प्रतिष्ठित (reputed) चिकित्सा सहायता के साथ आईवीएफ (IVF) का सबसे उत्तम उपचार प्रदान करता है। बहुत अनुभवी चिकित्सा विशेषज्ञों की एक टीम के साथ, यह आपको दिल्ली/एनसीआर में सबसे उत्तम आईवीएफ लागत (Best IVF Cost in Delhi/NCR) प्रदान करता है।

‘थ्री-पैरेंट आईवीएफ’ से आपका क्या तात्पर्य है? 

(What Do You Mean by ‘Three-Parent IVF’?)

गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, थ्री-पैरेंट (three parent) आईवीएफ/IVF (इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन/in-vitro fertilization) प्रजनन क्षमता के चिकित्सा उपचार के अंतर्गत एक ऐसी प्रक्रिया है जिसका उद्देश्य माइटोकॉन्ड्रियल समस्याओं को पैदा होने वाले शिशु में आने से रोकना है। एक संतान को यह समस्या अपनी माँ से ही हो सकती है, यही इस विशिष्ट उपचार का कारण है और इसीलिए यह कुछ मामलों में महत्वपूर्ण है। और इसके कारण ही इसे माइटोकॉन्ड्रियल रिप्लेसमेंट ट्रीटमेंट/mitochondrial replacement treatment (एमआरटी/MRT) भी कहा जाता है।

थ्री-पैरेंट आईवीएफ में किन-किन की आनुवंशिक सामग्री का उपयोग होता है? 

(Three-Parent IVF Uses Genetic Material from Whom?)

आईवीएफ केंद्र (IVF Centre) के अनुसार, थ्री-पैरेंट आईवीएफ (three parent IVF) में निम्नलिखित तीन लोगों की आनुवंशिक सामग्री (genetic material) का उपयोग होता है:

  • जैविक माँ (Biological Mother): एक जैविक माँ (biological mother) वह होती है जो परमाणु डीएनए (nuclear DNA) को धारण करती है, जिसमें भारी मात्रा में आनुवंशिक सामग्री (genetic stuff) शामिल होती है जो व्यक्ति की शारीरिक और व्यवहारिक विशेषताओं को तय करती है। उसके पास माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए म्युटेशन (mitochondrial DNA mutation) है जो माइटोकॉन्ड्रियल बीमारी (mitochondrial diseases) का कारण बन सकता है।
  • अंडा दाता (Egg Donor): इस प्रक्रिया में एक स्वस्थ और सुरक्षित अंडा (safe and health egg) एक महिला द्वारा प्रदान किया जाता है, जो माता-पिता बनने की इच्छा रखने वाले दंपत्ति से संबंधित नहीं है। फिर, अंडे (egg) के केंद्रक को हटा दिया जाता है, जिससे केवल स्वस्थ माइटोकॉन्ड्रिया (mitochondria) बचता है। 
  • जैविक पिता (Biological Father): इस प्रक्रिया में जैविक पिता (biological father) बनने की इच्छा रखने वाला व्यक्ति अपना शुक्राणु (sperm) प्रदान करता है जिसमें परमाणु डीएनए (nuclear DNA) शामिल होता है।

‘थ्री पेरेंट आईवीएफ’ में शामिल प्रक्रिया क्या है? 

(What is the Procedure involved in ‘Three Parent IVF’ ?)

गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, थ्री-पैरेंट आईवीएफ (three parent IVF) में निम्नलिखित चरण शामिल हैं:

  • केन्द्रक को हटाना (Removal of Nucleus): रोगग्रस्त माइटोकॉन्ड्रिया (diseased mitochondria) को छोड़ते समय जैविक मां (biological mother) के अंडे (egg) का केन्द्रक हटा दिया जाता है।
  • दाता अंडे की तैयारी (Donor Egg Preparation): इस प्रक्रियस में डोनर (donor) के स्वस्थ अंडे (healthy egg) का केंद्रक (nucleus) हटा दिया जाता है और फिर, जैविक मां (biological mother) का केंद्रक (nucleus) डोनर के अंडे के अंदर होता है। इसके परिणामस्वरूप जैविक मां (biological mother) के परमाणु डीएनए (nuclear DNA) और स्वस्थ दाता के माइटोकॉन्ड्रियल डीएनए (mitochondrial DNA) के साथ एक संकर अंडाणु (hybrid egg) बनता है।
  • निषेचन (Fertilization): इन-विट्रो निषेचन (in-vitro fertilzation) का उपयोग पिता के शुक्राणु (sperm) के साथ संकर अंडे को निषेचित करने के लिए किया जाता है, और सफल होने पर, भ्रूण (embryo) को कुछ दिनों के लिए विकसित (develop) होने दिया जाता है।
  • प्रत्यारोपण (Implantation): प्राप्त भ्रूण (embryo) को गर्भधारण के लिए मां के गर्भाशय (ovaries) में जमा किया जाता है, जिसमें जैविक मां (biological mother) के साथ-साथ पिता से आनुवंशिक सामग्री (genetic material) होती है, लेकिन दाता से केवल स्वस्थ माइटोकॉन्ड्रिया होता है।

गुड़गांव में आईवीएफ केंद्र (IVF Centre in Gurgaon) आगे कहता है कि, थ्री-पैरेंट आईवीएफ (three parent IVF) का उद्देश्य जैविक मां (biological mother) से उसके बच्चे में माइटोकॉन्ड्रियल बीमारियों (mitochondrial diseases) के संचरण को रोकना है। यह उन दम्पत्तियों को इस तरह की बीमारियों से गुजरने के जोखिम के बिना आनुवंशिक रूप से संबंधित (genetically) बच्चे पैदा करने की अनुमति देता है।

निष्कर्ष (Conclusion)

आईवीएफ केंद्र (IVF Centre) का कहना है कि प्रजनन संबंधी तकनीकों (techniques), मुद्दों (issues) और समाधानों (solutions) के बारे में सूचित रहना महत्वपूर्ण है। आईवीएफ (IVF) में एक तरह का उपचार होता है जिसे थ्री पेरेंट आईवीएफ (three parent IVF) के नाम से जाना जाता है। इस प्रक्रिया में, बच्चे में कुछ माइटोकॉन्ड्रियल समस्याओं (mitochondrial diseases) के संचरण को रोकने के लिए एक चिकित्सा तकनीक (medical technique) का उपयोग किया जाता है।
गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, थ्री-पैरेंट आईवीएफ (three parent IVF) का उद्देश्य माइटोकॉन्ड्रियल विकारों (mitochondrial diseases) को जैविक मां से उसके बच्चे में फैलने से रोकना है। यह उन दम्पत्तियों को सक्षम बनाता है जिन्हें ऐसी बीमारियों से गुजरने का खतरा है, वे संचरण के जोखिम के बिना आनुवंशिक रूप से समान संतान पैदा कर सकते हैं।

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