भ्रूण बैंकिंग (Embryo Banking) क्या है? जानते है गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर द्वारा।

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आईवीएफ प्रक्रिया (IVF treatment)  में होने वाले उपचारों की जानकारी दंपत्ति के लिए महत्वपूर्ण है। भ्रूण (embryo) का संरक्षण, प्रजनन क्षमता (fertility) समाधानों के बारे में समझ होना बहुत ही लाभकारी है। आइए गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) की मदद से, आने वाले वाक्यों में हम भ्रूण बैंकिंग (embryo banking) की प्रक्रिया को अच्छे से समझते है।

भ्रूण बैंकिंग को समझना (Understanding Embryo Banking)

गुड़गांव के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, भ्रूण बैंकिंग (embryo banking) भविष्य में उपयोग के लिए एक या एक से अधिक भ्रूण (one or more than one/multiple embryos) को फ्रीज (freeze) करने की प्रक्रिया है। भ्रूणों (embryos) को सुरक्षित रखने की इस विधि को व्यापक रूप से भ्रूण क्रायोप्रिजर्वेशन (embryo cryopreservation) और भ्रूण फ्रीजिंग (embryo freezing) के रूप में भी जाना जाता है।

गुड़गांव के आईवीएफ केंद्र (IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, भ्रूण बैंकिंग (embryo banking) की प्रक्रिया के तहत सबसे पहले महिला के अंडाशय (ovaries) से अंडे (eggs) एकत्र (collect) किए जाते हैं और फिर उन्हें एक प्रयोगशाला (lab) में पुरुष के शुक्राणु (male’s sperm) के साथ निषेचित (fertilize) किया जाता है और उसके बाद जब अंडे (eggs) निषेचित (fertilize) होते हैं और एक भ्रूण (embryo) के रूप में विकसित होते हैं, फिर उन्हें जमने के लिए संरक्षण (secure storage) में रख दिया जाता है, बाद में इन भ्रूणों (embryos) की आवश्यकता समय आने पर उन्हें पिघलाया (thaw) जाता है और फिर मातृत्व चाहने वाली महिलाओं में स्थानांतरित (transfer) कर दिया जाता है। इस प्रक्रिया का लक्ष्य एक महिला के गर्भाशय में एक भ्रूण (embryo) को सफलतापूर्वक प्रत्यारोपित (implant) करना है, जिससे सकारात्मक गर्भधारण (pregnancy) हो सके, जो माता-पिता बनने की इच्छा रखने वाले दम्पत्तियों के लिए संतान प्राप्त करने की एक आशा लेकर आता है।

आईवीएफ केंद्र (IVF Centre), प्रमुख डॉक्टरों (prominent doctors) और अन्य अनुभवी चिकित्सा पेशेवरों (experienced medical professionals) द्वारा संचालित अपनी उत्कृष्ट और गुणवत्तापूर्ण उन्नत सेवाओं (quality enhanced services) के साथ आईवीएफ में सर्वोत्तम संभव देखभाल प्रदान करता है। यह केंद्र तकनीकी रूप से उन्नत उपकरणों (technologically advanced equipment) और सुखदायक चिकित्सा वातावरण (soothing medical environment) से सुसज्जित (sparkled) है, साथ ही यहाँ आपको दिल्ली/एनसीआर में सबसे किफायती आईवीएफ लागत (Best IVF Cost in Delhi/NCR) भी ऑफर की जाती है। 

भ्रूण बैंकिंग की चरण दर चरण प्रक्रिया 

(Step by Step Procedure of Embryo Banking)

गुड़गांव में आईवीएफ केंद्र (IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, भ्रूण बैंकिंग (embryo banking), जिसे भ्रूण क्रायोप्रिजर्वेशन (embryo cryopreservation) के रूप में भी जाना जाता है, एक प्रक्रिया है जिसका उपयोग अक्सर प्रजनन उपचार (fertility treatments) में किया जाता है। यहां भ्रूण बैंकिंग (embryo banking) के लिए एक सामान्य चरण-दर-चरण प्रक्रिया (step by step treatment) बताई गई है:

  • उत्तेजना और निगरानी (Stimulation and Monitoring): आमतौर पर, प्रक्रिया की शुरुआत में अंडाशय (ovaries) को उत्तेजित (stimulate) करने के लिए प्रजनन दवाओं (fertility drugs) का उपयोग किया जाता है। इस चरण के दौरान अंडों (eggs) की परिपक्वता (maturation) और रोम (follicles) के विकास (development) की बारीकी से निगरानी करने के लिए अल्ट्रासोनोग्राफी (ultrasonography) और हार्मोन स्तर की निगरानी (hormone level monitoring) का उपयोग किया जाता है।
  • अंडा पुनर्प्राप्ति (Egg Retrieval): आईवीएफ केंद्र (IVF Centre) के अनुसार,अंडा पुनर्प्राप्ति (egg retrieval), जिसे फॉलिक्युलर एस्पिरशन (follicular aspiration) के रूप में भी जाना जाता है, एक सरल शल्य चिकित्सा प्रक्रिया (surgery) है जिसे अंडे (eggs) के विकास के उचित चरण में पहुंचने के बाद किया जाता है। परिपक्व अंडों (fully developed eggs) को सुई (needle) की मदद से अंडाशय के रोम (follicles in the ovaries) से बाहर निकाला जाता है।
  • निषेचन (Fertilization): फिर प्राप्त अंडों (eggs) को परिस्थितियों के आधार पर इंट्रासाइटोप्लाज्मिक स्पर्म इंजेक्शन/intracytoplasmic sperm injection (आईसीएसआई/ICSI) या इन विट्रो फर्टिलाइजेशन/in vitro fertilization (आईवीएफ/IVF) का उपयोग करके किसी डोनर या साथी के शुक्राणु (sperm) का उपयोग करके प्रयोगशाला के वातावरण (lab environment) में निषेचित (fertilize) किया जाता है।
  • भ्रूण का विकास और चयन (Embryo Development and Selection): गुड़गांव में आईवीएफ केंद्र (IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, परिणामी भ्रूण (resulting embryo) के विकसित (develop) होने पर कई दिनों तक सावधानीपूर्वक (carefully) निगरानी की जाती है। क्रायोप्रिजर्वेशन (cryopreservation) के लिए इस दौरान सबसे स्वस्थ (most healthy) और व्यवहार्य (viable) भ्रूणों (embryos) को चुना जाता है।
  • क्रायोप्रिजर्वेशन (Cryopreservation): बाद में उपयोग के लिए चयनित भ्रूणों (selected embryos) को संरक्षित (preserve) करने के लिए, उन्हें आमतौर पर विट्रीफिकेशन (vitrification) जैसी प्रक्रिया द्वारा सावधानीपूर्वक (cautiously) बेहद कम तापमान (extremely low temperatures) पर ठंडा (cool/freeze) किया जाता है। यह प्रक्रिया गारंटी देती है कि दीर्घकालिक संरक्षण (long-term storage) के दौरान भ्रूण (embryos) की व्यवहार्यता (viability) से समझौता नहीं किया जा सकता है।
  • संरक्षण (Storage): लंबे समय तक क्रायोप्रिजर्व्ड भ्रूणों (cryopreserved embryos) की गुणवत्ता (quality) और व्यवहार्यता (viability) बनाए रखने के लिए, उन्हें तरल नाइट्रोजन (liquid nitrogen) के साथ विशेष कंटेनरों (specialized containers) में रखा जाता है।
  • पिघलना और स्थानांतरण (Thawing and Transfer): जब दंपत्ति भ्रूण (embryo) उपयोग करने के लिए तैयार होता है, तो चुने गए भ्रूण (selected embryo) को पिघलाया (thaw) जाता है, और सबसे व्यवहार्य भ्रूण (most viable embryo) को गर्भाशय (ovaries) में स्थानांतरित (transfer) किया जाता है, आमतौर पर मासिक धर्म चक्र (menstrual cycle) के एक विशिष्ट चरण (specific stage) में या हार्मोन दवाओं (hormone medications) के प्रभाव में। सफल प्रत्यारोपण (successful implantation) और गर्भधारण (pregnancy) की संभावना को अधिकतम करने के लिए।

गुड़गांव में आईवीएफ केंद्र (IVF Centre in Gurgaon) का कहना है कि, यह ध्यान रखना आवश्यक है कि, क्लिनिक (clinic), व्यक्ति के चिकित्सा इतिहास (individual’s medical history) और प्रजनन विशेषज्ञ के सुझावों (suggestions) के आधार पर निर्देशित कदम थोड़े भिन्न (different) हो सकते हैं।

निष्कर्ष (Conclusion)

प्रजनन संरक्षण (fertility preservation) के प्रति जागरूकता (awareness) के महत्व को ध्यान में रखते हुए आईवीएफ केंद्र (Centre for IVF) बताता है कि भ्रूण बैंकिंग भविष्य में उपयोग के लिए एक या एक से अधिक (one or more than one/multiple) भ्रूणों (embryos) को फ्रीज (freeze) करने की एक तकनीक है। सबसे पहले, आईवीएफ प्रक्रिया (IVF treatment) द्वारा भ्रूण (embryo) प्राप्त किए जाते हैं और उसके बाद, उन भ्रूणों (embryos) को फ्रीज (freeze) के लिए रखा जाता है ताकि बाद में इसे जैविक मातृत्व (biological motherhood) चाहने वाली महिला (woman) के गर्भाशय (ovaries) के अंदर प्रत्यारोपण (implant) के लिए इस्तेमाल (use) किया जा सके।
गुड़गांव के सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ केंद्र (Best IVF Centre in Gurgaon) के अनुसार, भ्रूण बैंकिंग (embryo banking) में अंडाशय (ovaries) की उत्तेजना (stimulation) और निगरानी  (monitoring)शामिल है, इसके बाद अंडों (eggs) को पुनः प्राप्त (retrieval) किया जाता है। फिर इन अंडों (eggs) को प्रयोगशाला में निषेचित (fertilize) किया जाता है। परिणामी भ्रूणों (resulting embryos) को संरक्षण (protection) के लिए क्रायोप्रिजर्व (cryopreserved) किए जाने से पहले विकसित (developed) और चुना (select) जाता है। पिघलना (thaw) और स्थानांतरण (transfer) तब होता है जब भ्रूण (embryo) उपयोग के लिए तैयार होते हैं।

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