IVF Cost in Gurgaon

क्या पुरुष और महिला दोनों में बांझपन का इलाज संभव है?(Is it possible to treat infertility in both men and women?)

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बांझपन की समस्या से हजारों कपल्स ग्रसीत हैं, और हर कोई इस समस्या का निदान चाहता है। निदान के तौर पर आज के दौर में कई तरह के प्रजनन उपचार उपलब्ध हैं। लेकिन इसके बावजूद अक्सर लोग सवाल पूछते हैं कि क्या पुरुष और महिला दोनों में बांझपन का इलाज संभव है? तो, हां इलाज संभव भी है, और आज के दौर में उपलब्ध भी है। हालांकि, एक सच यह भी है कि कपल्स अक्सर इस तरह के उपचार को लेकर संशय में रहते हैं। आप भी आईवीएफ उपचार के बारे में सोच रहे हैं तो गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Gurgaon) मददगार साबित होगा।

पुरुषों और महिलाओं में बांझपन के कारण(Causes of Infertility in Men and Women)

पुरुष और महिलाओं में बांझपन के कारण अलग-अलग होते हैं, और दोनों में कारक भी लगभग विभिन्न होते हैं। ऐसे में बांझपन के कारण को समझने के लिए हमें दोनों ही स्थितियों को अलग-अलग करके रखना होगा। पुरूष बांझपन कारक में सबसे अहम रोल शुक्राणु-संबंधी विकार या आनुवांशिक होता है, लेकिन महिलाओं में बांझपन की समस्या में कई तरह के कारक शामिल होते हैं।

पुरूषों में बांझपन के कारण(Causes of Infertility in Men)

जैसा कि हमने आपको ऊपर भी बताया है पुरूष बांझपन की समस्या में शुक्राणु-संबंधी विकार का अहम रोल होता है। शुक्राणु-संबंधी समस्या से मतलब है कि अंडो को निषेचित करने में शुक्राणु का असमर्थ होना, और इस तरह की समस्या कपल्स में तनाव को पैदा करता है। शुक्राणु-संबंधी समस्या निम्नलिखित हैः

शुक्राणु विकार(Sperm Disorders) – शुक्राणु विकार के तौर पर आप समझ सकते हैं – शुक्राणु संख्या का कम होना, गतिशीलता प्रभावित होना, गुणवत्ता का प्रभावित होना और असामान्य शुक्राणु आकारिकी। इस तरह की स्थितियां बांझपन का कारण बनती है।

रुकावट या शिथिलता(Blockage or Dysfunction) – वृषण से शुक्राणु ले जाने वाली नलिकाओं में किसी तरह की समस्या या रुकावट शुक्राणु को अंडे तक पहुंचने से रोक सकती हैं। और इस तरह की रुकावटें बांझपन की समस्या का कारण बनता है।

हार्मोनल असंतुलन(Hormonal Imbalances) – असंतुलित हार्मोन्स उन सामान्य समस्याओं में से एक है, जो पुरूष और महिला दोनों के प्रजनन क्षमता को प्रभावित करने का काम करता है। असंतुलित हार्मोन्स कई अंग के फंक्शन को भी अवरूध्द करता है।

आनुवंशिक कारक(Genetic Factors) – अन्य रोगों की ही तरह आनुवांशिक कारक बांझपन में अपनी प्रभाव छोड़ता है, और यह भी उन सामान्य समस्याओं में से एक है, जो पुरूष और महिला दोनों में बांझपन की स्थिति को पैदा करता है।

महिलाओं में बांझपन के कारण(Causes of Infertility in Women)

महिलाओं में बांझपन की समस्या को पैदा करने में कई तरह के कारक शामिल होते हैं, और इनमें से कुछ कारकों का उपचार दवाओं से किया जाता है, और कुछ के लिए आपको सर्जरी का सहारा लेना पड़ सकता है।

ओव्यूलेशन विकार(Ovulation Disorders) – ओव्यूलेशन के दौरान ही अंडे रिलीज होते हैं, और ऐसे में ओव्यूलेशन विकार बांझपन की स्थिति को बनाता है। और ओव्यूलेशन को प्रभावित करने का काम पीसीओएस जैसे समस्याओं के कारण होता है।

फैलोपियन ट्यूब में रुकावट(Fallopian Tube Blockage) – फैलोपियन ट्यूब में रुकावट या अवरुध्द भी बांझपन की समस्या का एक कारण होता है, क्योंकि इसके अवरोध होने के बाद शुक्राणु को अंडाशय तक पहुंच पाना मुश्किल हो जाता है।

गर्भाशय संबंधी समस्याएं(Uterine Issues) – महिला में बांझपन की स्थिति को उत्पन्न करने में गर्भाशय संबंधी समस्याओं का अहम रोल होता है। गर्भाशय संबंधी समस्या के तौर पर आप गर्भाशय में फाइब्रॉएड की समस्या को काउंट कर सकते हैं।

उम्र(Age) – बांझपन की समस्या को उत्पन्न करने में उम्र का कोई रोल नहीं है, लेकिन उम्र को लेकर एक सच यह है कि जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है, वैसे ही हमारी प्रजनन क्षमता प्रभावित होने लगती है। और ऐसे में एक उम्र के बाद गर्भधारण असंभव हो जाता है।

बांझपन का निदान(Diagnosis of Infertility)

बांझपन की समस्या का इलाज करने के लिए जरूरी होता है कि बांझपन के कारण को जाना जाए, और इसके लिए एक कपल को कई तरह के परिक्षणों से होकर गुजरना पड़ता है। और इन परिक्षणों से निकले रिपोर्ट के अनुसार ही उपचार विकल्प को चुना जाता है। तो आपकी स्थिति के लिए कौन-सा उपचार उचित रहेगा, यह बांझपन की स्थिति और डॉक्टर पर निर्भर करता है। निदान के तौर पर आज के दौर में विकल्प उपलब्ध हैं।

बांझपन के लिए उपचार के विकल्प(Treatment Options for Infertility)

आज के दौर में बांझपन का इलाज मौजूद है, लेकिन कौन-सा उपचार आपके लिए प्रभावी साबित होगा। यह बांझपन की स्थिति और कारण तय करते हैं। अगर आप संतानप्राप्ती के लिए आईवीएफ उपचार कराना चाहते हैं, तो गुड़गांव में आईवीएफ लागत (IVF Cost in Gurgaon) आपके लिए किफायती होगा। बांझपन के लिए उपचार के विकल्प निम्नलिखित हैः

चिकित्सकीय इलाज(Medical Treatments) – अगर महिला में ओव्यूलेशन विकार और पुरूष में असंतुलित हार्मोन्स के कारण बांझपन की स्थिति पैदा हुई है तो चिकित्सकीय इलाज से आप इसका उपचार कर सकते हैं। इसके साथ ही और भी कई समस्यात्मक स्थितियों के लिए भी चिकित्सकीय इलाज लाभकारी साबित होता है।

सर्जिकल हस्तक्षेप(Surgical Interventions) – अगर बांझपन का कारक जटिल है, तो उसका निदान करने के लिए सर्जिकल हस्तक्षेप अहम हो जाता है। जैसे – महिलाओं में फाइब्रॉएड को हटाना, एंडोमेट्रियोसिस का इलाज करना, या फैलोपियन ट्यूब की रुकावटों की मरम्मत करने के लिए सर्जिकल हस्तक्षेप करना पड़ता है।

सहायक प्रजनन प्रौद्योगिकी(ART) – बांझपन की समस्या के उपचार के तौर पर एआरटी सबसे प्रमुख उपचार विकल्प है। एआरटी में कई तरह के प्रजनन विकल्प मौजूद हैं, जैसे – आईवीएफ और आईयूआई समेत कई। इसमें से आईवीएफ उपचार को बांझपन की इलाज के ब्रांड एंबेसडर की तरह दर्शाया गया है, और बांझपन की स्थिति में सफलता का सबसे ज्यादा स्ट्राइक रेट भी आईवीएफ की ही है।

निष्कर्ष(Conclusion)

इस बात से कोई फर्क नहीं पड़ता है कि बांझपन से पुरूष ग्रसीत है या फिर महिला, इसका इलाज संभव भी है और मौजूद भी है। लेकिन कौन-सा उपचार आपको लिए उपयुक्त रहेगा, यह बांझपन की स्थिति पर निर्भर करता है। अगर कपल में बांझपन का कारण पुरूष हैं तो उस अनुसार उपचार विकल्प को चुना जाता है, जैसे – आईयूआई। लेकिन अगर बांझपन का कारण महिला हैं तो उस अनुसार उपचार विकल्पों को चुना जाता है – और ऐसी स्थिति में ज्यादातर आईवीएफ ही उचित होता है। आप भी आईवीएफ उपचार के बारे में सोच रहे हैं तो गुड़गांव में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF center in Gurgaon) मददगार साबित होगा।

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र.1. आईवीएफ और आईयूआई में क्या अंतर है?  

उत्तर – आईवीएफ और आईयूआई प्रजनन उपचार विकल्प हैं, लेकिन यह दोनों ही उपचार विकल्प बांझपन की अलग-अलग स्थितियों के जाना जाता है। हालांकि, कुछ मामलों जहां आईयूआई 3-6 चक्र के बाद भी सफलता नहीं मिलती है, तो उन कपल्स के पास आईवीएफ उपचार एकमात्र विकल्प रह जाता है। इसके साथ ही दोनों की उपचार प्रक्रियाएं और लागत अलग बनाती है।

प्र.2. प्रजनन उपचार कितने सफल हैं?   

उत्तर- बात करें प्रजनन उपचार कि सफलता की तो आपको बता दें कि उपचार की सफलता कई कारकों पर निर्भर करता है। आईवीएफ की सफलता दर प्रति चक्र 20% से 40% तक होती है, जबकि आईयूआई की सफलता दर प्रति चक्र 10% से 20% तक होती है। दवा चिकित्सा की सफलता दर भी विशिष्ट दवा और व्यक्ति की प्रतिक्रिया के आधार पर भिन्न होती है।    

प्र.3. प्रजनन उपचार के परिणाम देखने में कितना समय लगता है?

उत्तर- प्रजनन उपचार के परिणाम के सामने आने…निर्भर करता है कि आपने किस प्रजनन उपचार को चुना है। अगर आईवीएफ की बात करें तो इसकी प्रक्रिया पूरा होने में समय लगता है, और जैसे ही प्रक्रिया पूरी होती है, 10-14 दिनों के अंदर आपको परिणाम देखने के लिए मिल जाएगा।

प्र.4. क्या जीवनशैली में बदलाव से गर्भधारण की संभावना में सुधार हो सकता है? 

उत्तर – इस बात में कोई शक नहीं है कि बांझपन का एक कारक हमारी जीवनशैली भी हो सकती है। ऐसे में अगर आप कंसीव करना चाहती हैं तो आप अनुशासीत जीवनशैली को अपने जीवन का हिस्सा बना सकती है, और आपको इसका परिणाम भी देखने के लिए मिलता है।

प्र.5. पुरुष बांझपन के लिए कौन से चिकित्सा उपचार उपलब्ध हैं?

उत्तर – चिकित्सा कारक के तौर पर कई तरह के उपचार विकल्प मौजूद हैं, लेकिन किस उपचार विकल्प की आपको जरूरत है। यह आपके रिपोर्ट में पाई गई कमी पर निर्भर करता है, जैसे असंतुलित हार्मोन्स होने पर आप हार्मोन थेरेपी विकल्प को चुन सकते हैं। इस तरह से विभिन्न स्थिति के लिए विभिन्न उपचार विकल्प है।

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