donor-eggs-and-sperm-in-ivf-treatment

IVF में डोनर एग्स और डोनर स्पर्म की ज़रूरत कब पड़ती है?

Post by Baby Joy 0 Comments

आज के समय में कई कपल्स को बच्चा करने में दिक्कत होती है। बांझपन (infertility) की समस्या की वजह से प्राकृतिक रूप से गर्भधारण हमेशा आसान नहीं होता। ऐसे में IVF जैसी आधुनिक तकनीक, डोनर एग्स (Donor Eggs) और डोनर स्पर्म (Donor Sperm) के सहारे माता-पिता का सपना पूरा करने में मदद करती है।

डोनर एग्स का इस्तेमाल IVF में  तब किया जाता है जब महिला के अंडाणु (eggs) स्वस्थ नहीं होते या उम्र और जीवनशैली की वजह से उनकी गुणवत्ता पर असर पड़ता है। वहीं, डोनर स्पर्म की ज़रूरत तब पड़ती है जब पुरुष में गंभीर प्रजनन समस्या होती है या किसी आनुवंशिक (genetic) बीमारी को आगे बढ़ने का खतरा होता है।

सिंगल महिलाएँ और समलैंगिक (same-sex) कपल्स भी इन विकल्पों की मदद से अपना परिवार शुरू कर सकते हैं। सही जानकारी और अनुभवी दिल्ली के IVF डॉक्टर्स (IVF Doctors in Delhi) से सलाह लेने पर आप अपनी ज़रूरत के अनुसार सही उपचार चुन सकते हैं।

महिलाओं को डोनर एग्स की आवश्यकता कब होती है? (IVF Doctor की सलाह से जानें)

कभी-कभी महिला के अपने अंडाणु IVF के बावजूद गर्भधारण के लिए सक्षम नहीं होते। ऐसे मामलों में डॉक्टर डोनर एग्स की सलाह देते हैं। यह विकल्प खासतौर पर इन परिस्थितियों में ज़रूरी माना जाता है:

1. अंडाणुओं की कमी या खराब गुणवत्ता

जैसे-जैसे महिला की उम्र बढ़ती रहती है, खासकर 40 साल के बाद, अंडाणुओं की संख्या और गुणवत्ता लगातार कम होने लगती है। कुछ मामलों में कम उम्र में भी समय से पहले डिम्बग्रंथि अपर्याप्तता (Premature Ovarian Insufficiency) की वजह से अंडाशय (ovaries) जल्दी काम करना बंद कर देते हैं। ऐसे समय में डोनर एग्स गर्भधारण की संभावना बढ़ाने का सबसे अच्छा विकल्प बन जाते हैं।

2. बीमारियाँ और ऑपरेशन

एंडोमेट्रियोसिस, ट्यूमर जैसी बीमारियाँ या अंडाशय पर किया गया ऑपरेशन कई बार अंडाशय को स्थायी नुकसान पहुँचा सकता है। ऐसे में गर्वधारण करना कठिन हो जाता है। लेकिन  IVF डॉक्टर्स (IVF Doctors) की मदद से डोनर एग्स का उपयोग कर गर्भधारण संभव हो जाता है।

3. आनुवंशिक बीमारियाँ

कुछ महिलाएँ ऐसी आनुवंशिक बिमारियों से पीड़ित होती हैं जिनकी वजह से उनका गर्वधारण करना मुश्किल हो जाता है। भले ही PGD/PGS जैसी तकनीक से भ्रूण का परीक्षण किया जा सकता है, लेकिन कई बार सुरक्षित और सफल गर्भधारण के लिए डोनर एग्स सबसे बेहतर विकल्प होता है।

4. IVF में लगातार असफलता

जब IVF साइकिल के बाद भी महिला के अंडाणु सही तरीके से निषेचित (fertilize) नहीं होते या स्वस्थ भ्रूण नहीं बनते, तब दिल्ली के सबसे अच्छे IVF डॉक्टर्स (Best IVF Doctors in Delhi) डोनर एग्स का सुझाव देते हैं। यह उन कपल्स के लिए उम्मीद की नई किरण बन जाता है जो लंबे समय से बच्चे का इंतज़ार कर रहे होते हैं।

5. मेडिकल कंडीशन

कुछ खास बीमारियाँ जैसे अंडाशय का फेल होना, सर्जरी में अंडाशय निकालना, या कैंसर के इलाज (कीमोथेरेपी/रेडिएशन) की वजह से अंडाणु बनना बंद हो जाता है। ऐसी परिस्थितियों में डोनर एग्स से महिला गर्भधारण का अनुभव कर सकती है और माँ बनने का सपना पूरा कर सकती है।

IVF Doctor से जानें:  पुरुषों को डोनर स्पर्म की ज़रूरत कब पड़ती है?

1. गंभीर पुरुष बांझपन

कई बार पुरुष के शुक्राणुओं की संख्या बहुत कम हो जाती है, उनकी गति (motility) ठीक नहीं होती या आकार असामान्य होता है। ऐसे में अंडाणु को निषेचित करना मुश्किल हो जाता है। जब IVF या अन्य उपचार सफल न हों, तो डोनर स्पर्म एक विश्वसनीय विकल्प बन जाता है। दिल्ली के सबसे अच्छे IVF डॉक्टर्स ( Top IVF doctors in Delhi ) उन्नत तकनीक और अनुभव के साथ कपल्स को सुरक्षित और प्रभावी उपचार प्रदान करवाते हैं, जिससे कपल्स का माता-पीता बनने का सपना पूरा करना संभव हो जाता है।

2. शुक्राणुओं का न बनना (Azoospermia)

Azoospermia एक ऐसी स्थिति है जिसमें वीर्य (semen) में कोई भी शुक्राणु नहीं मिलता। कभी-कभी टेस्टिस से सर्जरी द्वारा शुक्राणु निकाले जा सकते हैं, लेकिन यदि यह संभव न हो तो डोनर स्पर्म ही गर्भधारण का एकमात्र रास्ता होता है।

3. आनुवंशिक बीमारियाँ

अगर पुरुष साथी में कोई गंभीर आनुवंशिक बीमारी है जो बच्चे में जा सकती है, तो डोनर स्पर्म से यह जोखिम टाला जा सकता है।अनुभवी दिल्ली के IVF डॉक्टर्स ( IVF Doctors in Delhi ) इस स्थिति में कपल्स को सही सलाह और उन्नत उपचार प्रदान करते हैं, ताकि बच्चा स्वस्थ और भविष्य सुरक्षित हो सके।

4. सिंगल महिलाएँ या समलैंगिक कपल्स

डोनर स्पर्म उन सिंगल महिलाओं या महिला-महिला (same-sex female) कपल्स के लिए भी सबसे बेहतर विकल्प है जो माँ बनना अनुभव करना चाहती हैं और परिवार शुरू करना चाहती हैं।

ये भी पढ़ें:-  IVF उपचार के फायदे: जानिए यह कैसे बढ़ाता है माता-पिता बनने की उम्मीद

FAQs

1. डोनर एग्स और डोनर स्पर्म से गर्भधारण सुरक्षित है क्या?

हाँ, यह बिल्कुल सच है कि डोनर एग्स और स्पर्म का इस्तेमाल पूरी तरह सुरक्षित होता है। IVF क्लिनिक में चुने गए डोनर्स की मेडिकल और जेनेटिक जाँच की जाती है ताकि कोई बीमारी या जोखिम बच्चे तक न पहुँचे।

2. डोनर एग्स का इस्तेमाल किस उम्र तक किया जा सकता है?

आमतौर पर 45-50 वर्ष तक की महिलाएँ डोनर एग्स से गर्भधारण कर सकती हैं, लेकिन यह उनकी स्वास्थ्य स्थिति और IVF डॉक्टर्स ( IVF Doctors ) की सलाह पर निर्भर करता है।

3. क्या डोनर स्पर्म या एग्स से पैदा हुए बच्चे में किसी तरह का अंतर  हो सकता है?

नहीं, बच्चा बिल्कुल सामान्य और स्वस्थ होता है। डोनर की जाँच और चयन बहुत सावधानी से किया जाता है। बच्चा गर्भधारण करने वाली महिला से पोषण और गर्भावस्था का पूरा अनुभव लेता है।

Baby Joy
Writer has 15 years of experience in Pharmaceuticals and Health care industries, with expertise in Patient counselling and Digital Media Strategy. She is HOD of Patient counselling Dept. at Baby Joy Fertility and IVF Center.
| Website

Leave a Reply