क्या आप सी सेक्शन के बाद आईवीएफ कर सकते हैं?
सी सेक्शन के बारे में काफी लोग जानते होगें, यह एक प्रक्रिया जिसके माध्यम से गर्भ से बच्चे को बाहर निकाला जाता है। पहले के समय में बच्चे को बाहर निकालने के लिए हरेक स्थान पर एक दाई हुआ करती थी, जो योनि प्रसव से बच्चे को बाहर निकालती थी। जैसे-जैसे समय बढ़ा, हर तरफ चीजें बदलने लगी और सी सेक्शन प्रक्रिया से ही बच्चे को बाहर निकाला जाने लगा। सी सेक्शन जिसे दूसरी भाषा में सिजेरियन डिलीवरी (सीडी) भी कहते है। आमतौर पर सी सेक्शन सर्जरी को लोग सुरक्षित मानते हैं और यही वजह है कि लोगों ने समय के साथ सर्जरी की मदद से बच्चे को बाहर निक
हालांकि इस बात में कोई शक नहीं है कि सी सेक्शन के द्वारा डिलीवरी करने में कई जटिलताओं का डर रहता है। जैसे गर्भाशय या पैल्विक घाव, असामान्य प्लेसेंटा और गर्भाशय का टूटना, ऐसा अगर होता है तो भविष्य में इन समस्याओं के दुष्परिणामों से गर्भधारण करने में दिक्कत आयेगी। ऐसे में सवाल उठता है कि अगर किसी को ऐसी दिक्कत हो गई है तो क्या वो सी सेक्शन के बाद आईवीएफ करा सकती हैं? एआरटी में आईवीएफ इलाज प्रजनन के लिए बेहतर विकल्प है, और किसी जोड़े को सी सेक्शन सर्जरी के बाद गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है तो आईवीएफ ही एक मात्र विकल्प उनके लिए रह जाता है।
इस आर्टिकल में जानेंगे क्या आप सी सेक्शन के बाद आईवीएफ कर सकते हैं?
क्या सी सेक्शन होने से आपकी प्रजनन क्षमता प्रभावित होती है?(Does having a C-section affect your fertility?)
इस बात को लेकर अभी तक कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है, ऐसे में किसी निर्णय को लेने से पहले हमें कुछ पहलुओं पर ध्यान देना होगा। चिकित्सा के मामले में मिथक और अफवाह चीजों को दूसरी दिशा में लेकर जाने लगती है। सी सेक्शन प्रजनन को प्रभावित करता है या नहीं, इस बात को लेकर हमेें दो अलग-अलग अध्ययन पर गौर करना होगा। 2014 में हुए अध्ययन पर ध्यान दें तो पता
2020 में हुए दूसरे अध्ययन से पता चलता है कि अंतर इतना भी कम नहीं होता है। शोधकर्ताओं ने बताया कि जब पहली बार बच्चे को जन्म देने के लिए सिजेरियन सेक्शन होता है, तो इससे उनके दोबारा गर्भवती होने की संभावना कम हो जाती है। हालांकि, ऐसा क्यों होता है इसका सही जवाब कोई नहीं दे पाया। लेकिन ऐसा माना और सुझाया गया है कि सी सेक्शन प्रक्रिया के दौरान गर्भाशय पर घाव हो जाता है और इसी के कारण सी सेक्शन के बाद गर्भधारण की संभावना कम हो जाती है।
सी सेक्शन के बाद दोबारा गर्भवती होने के लिए आपको कितने समय तक इंतजार करना चाहिए?(How long should you wait to get pregnant again after a C-section?)
आमतौर पर भारत में कहा जाता है कि दो बच्चों के बीच में कम से कम 2 साल का अंतर होना चाहिए। ऐसा नहीं है कि आपने पहली बार में सी सेक्शन सर्जरी से बच्चे को जन्म दिया, और इसके बाद आप बच्चे पैदा नहीं कर सकती। आज हर कोई बच्चा सी सेक्शन सर्जरी के बाद ही पैदा होता है, और अगर पिछली बार सर्जरी में कुछ गलत हो गया था तब आपको मां बनने के लिए सोचना पड़ सकता है।
संतानप्राप्ती के लिए आईवीएफ इलाज करवाना चाहते हैं तो दिल्ली में आईवीएफ लागत (IVF Cost in Delhi) आपके लिए उचित रहेगा।
निष्कर्ष
हां, यह मुमकिन है कि आप सी-सेक्शन के बाद आईवीएफ इलाज करवा सकते हैं, लेकिन आप के लिए स्वास्थ्य का ध्यान रखना और अनुशासित जीवन को जीना ज्यादा महत्वपूर्ण है। ऐसा बताया गया है कि एक सी-सेक्शन सर्जरी के बाद आपको कम से कम 6 माह और ज्यादा से ज्यादा 24 महीना इतंजार करना पड़ता है दोबारा गर्भधारण करने के लिए। हालांकि, सी-सेक्शन सर्जरी सीधे तौर पर प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करता है, लेकिन सर्जरी के कारण गर्भाश्य में हुए घाव आपके गर्भधारण के चांस को प्रभावित करेगा। आपके लिए जरूरी हो जाता है कि आप किसी अनुभवी डॉक्टर से मिलें, और आपके लिए क्या बेहतर हो सकत
पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)
प्र.1. क्या आप सी सेक्शन के बाद आईवीएफ कर सकते हैं?
उत्तर- हां, लेकिन इसके लिए आपको अपने स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा साथ में अनुशासित जीवन के साथ चलना पड़ेगा।
प्र.2. सी सेक्शन के कितने समय बाद गर्भधारण कर सकते हैं?
उत्तर- कम से कम 6 माह, और ज्यादा से ज्यादा 24 महीने के बाद आप गर्भधारण कर सकते हैं।
प्र.3. सी सेक्शन सर्जरी और प्रसव योनी से बच्चे को बाहर निकालने में क्या अंतर है?
उत्तर- सी सेक्शन सर्जरी के तहत महिला के पेट को चीर
प्र.4. सी सेक्शन प्रजनन क्षमता को प्रभावित करता है?
उत्तर- नहीं, यह सर्जरी प्रजनन क्षमता को प्रभावित नहीं करती है लेकिन सर्जरी की वजह से गर्भाश्य पर घाव, प्रजनन क्षमता को प्रभावित कर सकता है।
प्र.5. पीसीओएस निदान के लिए घरेलु उपाय?
उत्तर- पीसीओएस को ठीक करने के लिए घरेलु उपाय तो मुश्किल है, लेकिन इससे प्रभावित होने वाला प्रजनन क्षमता को ठीक करने के लिए घरेलु उपाय ऊपर आर्टिकल में बताया हुआ है।