क्या मैं आईवीएफ़ के सिर्फ़ एक चक्र से गर्भवती हो सकता हूं? (Can I get Pregnant with just one cycle of IVF?)

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आईवीएफ उपचार बांझपन के मामले में सबसे सफल प्रजनन उपचार विकल्प है, और साथ में सबसे ज्यादा इस्तेमाल किया जाने वाला भी। दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF Centre in Delhi) द्वारा मरीजों द्वारा पूछे गए सवालों की लिस्ट जारी किया था, जिसमें बांझपन की समस्या से ग्रसीत कपल्स द्वारा पूछा गया सवाल था – क्या मैं आईवीएफ के सिर्फ एक चक्र से गर्भवती हो सकती हूं? इसके जबाव के तौर पर आपको समझना होगा कि हरेक महिला अद्वितीय होती हैं, और हरेक में बांझपन की स्थिति भी अलग होती है।

मरीजों द्वारा पूछे गए सवाल पर डॉक्टर का जवाब होता है कि – ऐसे में अगर आप आईवीएफ के पहली चक्र में गर्भावस्था को मुमकिन बनाना चाहती हैं। तो आपको समझना होगा कि इस तरह की मुकाम को पाने के लिए आपको कुछ कारकों को कंसीडर करना होगा। इसके साथ ही पहले ही चक्र में सफलता पाने के लिए उम्र सबसे अहम कारक होता है, क्योंकि उम्र आपकी प्रजनन क्षमता के बारे में बताता है। जितनी अधिक उम्र, उतनी ही ज्यादा प्रजनन क्षमता प्रभावित होगा।

इस लेख में आप जानेंगे क्या मैं आईवीएफ के सिर्फ एक चक्र से गर्भवती हो सकती हूं?   

पेरेंटहुड के लिए संघर्ष(The Struggle for Parenthood) – बांझपन की समस्या से ग्रसीत कपल्स द्वारा पेरेंटहुड के लिए किया गया संघर्ष, और संतानप्राप्ती का सफर उतार-चढ़ाव से भरा होता है। इस दौरान एक कपल मानसिक, शारीरीक और भावनात्मक रूप से कई चीजों से होकर गुजरते हैं। बांझपन की स्थिति का मानसिक प्रभाव इतना अधिक होता है, कपल्स सेल्फ-डाउट में चले जाते हैं। और इस तरह की मानसिक स्थिति प्रजनन क्षमता पर नकारात्मक प्रभाव डालता है। हरेक कपल का सपना होता है कि उनका परिवार हो, लेकिन बांझपन की स्थिति से ग्रसीत कपल्स में बच्चे की अनुपस्थिति परिवार पूरा करने की समस्या को बाधित करता है।  

आईवीएफ प्रक्रिया को समझना(Understanding the IVF Process) – दिल्ली के 5 शीर्ष आईवीएफ सेंटर(Top 5 IVF Centres in Delhi) के अनुसार, अगर आप आईवीएफ के पहली चक्र में ही सफलता चाहते हैं। तो एक मरीज के तौर पर आपको पहले आईवीएफ प्रक्रिया को समझना होगा। जिसके बाद आप के लिए समझना आसान हो जाएगा, कि आईवीएफ में मल्टीपल चक्र तक क्यों जाते हैं, और कैसे पहली बार में सफलता मिलती है।

दिल्ली के बेस्ट डॉक्टर बताते हैं कि – आईवीएफ प्रक्रियाएं थोड़ी जटील और आक्रमक भी होता है, लेकिन लेकिन हम आपके बच्चे पैदा करने के सपने को पूरा करने में आपकी मदद करने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। इसी के साथ डॉक्टर ने आईवीएफ के विभिन्न चरणों के बारे में बताया, डिम्बग्रंथि उत्तेजना से लेकर अंडा पुनर्प्राप्ति, निषेचन से लेकर अंततः भ्रूण स्थानांतरण तक। यह प्रक्रिया कठिन लग रही थी, लेकिन इन प्रक्रियाओं को समझने के बाद मरीज के आंखो में एक आशा दिखती है।

पहला कदम(The First Steps) – जब कोई मरीज आईवीएफ उपचार के लिए तैयार हो जाता है, तो उन्हें कई तरह के परिक्षण से होकर गुजरना पड़ता है। जिसके परिणाम के अनुसार तय होता है कि बांझपन की समस्या का कारण क्या है, और उसके अनुसार उपचार की रणनीति बनाई जाती है। आमतौर पर, आईवीएफ उपचार का पहला कदम होता है, ओव्यूलेशन के लिए डिम्बग्रंथि उत्तेजित करना। इसके लिए प्रजनन दवाओं का इस्तेमाल किया जाता है, ताकी अंडो की संख्या को बढ़ाया जा सके और ओव्यूलेशन के दौरान एक से अधिक अंडो की पुनर्प्राप्ति की जा सके।

अंडा पुनर्प्राप्ति और निषेचन(Egg Retrieval and Fertilization) – अब जब ओव्यूलेशन का वक्त आ गया है, और अंडे रिलीज होने वाले हैं। तो आईवीएफ दूसरी प्रक्रिया शुरू होते हैं, अंडा पुनर्प्राप्ति करना। अंडो को प्राप्त करने के बाद, पुरूष पार्टनर से शुक्राणु को संग्रहीत किया जाता है। और फिर लैब में दोनों को निषेचित किया जाता है। लेकिन अंडा पुनर्प्राप्ति में एक बात पर सबसे ज्यादा इस बात पर फोकस किया जाता है कि अंडे परिपक्व हो, तभी उसका इस्तेमाल किया जा सकता है। और ओव्युलेशन के दौरान परिपक्व अंडो के साथ-साथ फॉलिकल्स भी रिलीज होते हैं।

भ्रूण स्थानांतरण(The Embryo Transfer) – लैब में अंडो और शुक्राणु को निषेचित करके भ्रूण को तैयार कर दिया गया है, भ्रूण के तैयार होने के बाद उसके कल्चर को जांचा जाता है कि कहीं किसी तरह की समस्या तो नहीं है – भ्रूण में। जब यह तय हो जाता है कि तैयार किए गए भ्रूण में से एक भ्रूण पूरी तरह से उचित है, तो फिर उपचार कि आखीरी प्रक्रिया भ्रूण स्थानांतरण को परफॉर्म किया जाता है। भ्रूण को गर्भाशय में स्थानांतरित किया जाता है, और फिर इतंजार किया जाता है कि भ्रूण गर्भाशय की दीवार को प्रत्यारोपित हो जाए। इस प्रक्रिया में 10-14 दिन का समय भी लगता है।

क्यों करना पड़ता है दो सप्ताह की प्रतीक्षा?( Why do you have to wait fo r two weeks?)

दिल्ली में सर्वश्रेष्ठ आईवीएफ सेंटर (Best IVF centre in Delhi) भी भ्रूण स्थानांतरण की प्रक्रिया के बाद दो सप्ताह यानी 10-14 दिन का इतंजार करने के लिए बोलती है। इस दो सप्ताह के दौरान भ्रूण अपने शैल से निकलकर गर्भाशय की दीवार के साथ प्रत्यारोपित होती है, और गर्भावस्था को मुमकिन बनाने का काम करता है। सरल शब्दों में भ्रूण स्थानांतरण के बाद भ्रूण को गर्भाशय की दीवार के साथ प्रत्यारोपित होने में लगने वाला समय दो सप्ताह होता है। दो सप्ताह के बाद महिला प्रेग्नेंसी टेस्ट कर सकती हैं। दिल्ली में आईवीएफ लागत (IVF Cost in Delhi) आपके सपने को साकार करने के मुकाबले बहुत ही कम होता है, ऐसा माना जाता है कि संतानसुख के सामने किसी चीज का मोल नहीं होता है।

निष्कर्ष(Conclusion)

आमतौर पर, कई कपल्स को आईवीएफ के पहले ही चक्र में गर्भावस्था प्राप्त हो जाती है, लेकिन कपल्स को यह भी समझना होगा कि हरेक महिला अद्वितीय होती हैं। और ऐसे में इस बात को लेकर तुलनात्मक होना….बेतुका है। इसके साथ ही आईवीएफ के पहले चक्र में गर्भावस्था के लिए कुछ कारकों पर ध्यान देना होगा, और उन कारकों में उम्र सबसे अहम होता है। कपल की उम्र जितनी कम होगी, पहली बार में सफलता की संभावना उतनी ही अधिक होगी। और अगर कपल की उम्र अधिक है तो पहली बार में सफलता की संभावना उतनी ही कम होती है। आपको बता दें कि प्रजनन उपचार में उम्र को सबसे अहम माना जाता है, क्योंकि आंकड़े बताते हैं कि जितनी अधिक उम्र उतनी ही कम सफलता।  

पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्र.1. क्या आप आईवीएफ के एक चक्र से गर्भवती हो सकती हैं?

उत्तर – आईवीएफ के एक चक्र में आप गर्भवती तो हो जाएगी, लेकिन आमतौर इस तरह की उपचार में लोगों की उम्मीद होती है कि उन्हें पहली बार में सफलता मिला जाए। और यह भी मुमकिन है। हालांकि, कुछ महिलाओं को गर्भावस्था को प्राप्त करने में एक से अधिक चक्र लग जाता है।     

प्र.2. आईवीएफ का पहला चक्र कितना सफल है?

उत्तर- आईवीएफ उपचार के दौरान कई महिलाओं को पहली चक्र में ही सफलता मिल जाती है। आंकड़ो के तौर पर बतायें तो पहले प्रयास में आईवीएफ की सफलता दर 30% से 40% तक होती है। यानी 100 में 30-40 महिला आईवीएफ के पहले चक्र में गर्भावस्था को प्राप्त कर लेती हैं।   

प्र.3. आईवीएफ के एक दौर के बाद कितने लोग गर्भवती होते हैं?

उत्तर- आईवीएफ को लेकर एक सच्चाई यह भी है कि ज्यादातर महिलाओं को सफलता 2-3 चक्र में मिलता है। क्योंकि आईवीएफ की पहली चक्र में सफलता का आंकड़ा 30-40% है, तो ऐसे में बचे हुए 60-70% कपल्स को सफलता 2-3 चक्र में मिलता, और किसी-किसी को सफलता चौथे चक्र में मिलता है।    

प्र.4. क्या आईवीएफ का दूसरा चक्र अधिक सफल है? 

उत्तर – आकंड़ो की माने तो आईवीएफ का दूसरा चक्र सबसे सफल साबित होता है। दूसरे चक्र में सफलता का आंकड़ा 48% होता है, लेकिन यहां पर ध्यान देने योग्य बात है कि उम्र भी एक कारक है, जो मौके को भुनाने में कपल्स की मदद करता है।   

प्र.5. पहला आईवीएफ विफल क्यों हुआ?

उत्तर – आईवीएफ के विफल होने के कई कारण होते हैं, लेकिन सबसे अहम कारण होता है कि भ्रूण का गर्भाशय की दीवार से प्रत्यारोपित न होना। भ्रूण स्थानांतरण के बाद, अगर भ्रूण अपने शैल से बाहर नहीं निकलता है तो गर्भावस्था मुमकिन नहीं हो पाती है, और यह विफलता का कारण बनता है।

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